सर्वनाम किसे कह्ते है: Video

सर्वनाम

सर्वनाम उस विकारी शब्द को कहते हैं जो पूर्वापर संबंध से किसी भी संज्ञा के बदले में आता है, जैसे, मैं (बोलनेवाला), तू (सुननेवाला), यह (निकट-वर्ती वस्तु), वह (दूरवर्ती वस्तु) इत्यादि। वाक्य में जिस शब्द का प्रयोग संज्ञा के बदले में होता है, उसे सर्वनाम कहते हैं। सर्वनाम शब्द का अर्थ है- सब का नाम। [...]

दस प्रश्न राजनीति विज्ञान-कक्षा 11-स्वतन्त्रता-1-सुरेन्द्र

स्वतन्त्रता- स्वतन्त्रता मनुष्य की मूलभूत उदात्त प्रवृति हैं। मानवता का समस्त इतिहास स्वतन्त्रता शब्द में समाया हुआ हैं। शायद ही राजनीति विज्ञान में अन्य कोई ऐसा शब्द हो जिसके स्वरूप एवं सीमा के संबंध में राजनीति विज्ञान के वेत्ताओं में इतना मत वैभिन्य पाया जाता हो। स्वतन्त्रा शब्द को अंग्रेजी भाषा में लिबर्टी स्पइमतजल कहते [...]

राजनीति विज्ञान-कक्षा 11-राजनतिक सिद्धान्त-2

राजनीति सिद्धान्त के अन्तर्गत राजनीति के भिन्न भिन्न पक्षों का अध्ययन किया जाता हैं। राजनीति का संबंध मनुष्यों के सार्वजनिक जीवन से हैं। परम्परागत अध्ययन में चिन्तन मूलक पद्धति की प्रधानता थी जिसमं सभी तत्वों का निरीक्षण तो नहीं किया जाता हैं, परन्तु तर्क शक्ति के आधार पर उसके सारे संभावित पक्षों, परस्पर संबंधों प्रभावों [...]

राजनीति विज्ञान-कक्षा 11-राजनतिक सिद्धान्त-1

प्राचीन काल में सारा व्यवस्थित चिंतन दर्शन के अंतर्गत होता था, अतः सारी विद्याएं दर्शन के विचार क्षेत्र में आती थी। राजनीति सिद्धान्त के अन्तर्गत राजनीति के भिन्न भिन्न पक्षों का अध्ययन किया जाता हैं। राजनीति का संबंध मनुष्यों के सार्वजनिक जीवन से हैं। परम्परागत अध्ययन में चिन्तन मूलक पद्धति की प्रधानता थी जिसमं सभी [...]

दस और प्रशन जीव विज्ञान-कक्षा 11-प्राणी जगत-8

दस और प्रशन!प्रारम्भिक अवस्था में ही मनुष्य ने पौधों एवं जन्तुओं को लाभदायक या हानिकारक,घातक या अघातक अनेक रूपों में वर्गीकृत किया था। इसी प्रकार वनस्पति जगत को जन्तुओं से सेल्यूलोज,कोशिका भित्ति, पर्ण हरित एवं पोषण के प्रकार पर विभेदित किया गया। वर्गिकीविज्ञों जन्तुओं के कुछ विशिष्ट लक्षणों को आधार मानकर वर्गीकृत किया था, जैसे अरस्तु ने सभी [...]

दस और प्रशन जीव विज्ञान-कक्षा 11-प्राणी जगत-7

दस और प्रशन!प्रारम्भिक अवस्था में ही मनुष्य ने पौधों एवं जन्तुओं को लाभदायक या हानिकारक,घातक या अघातक अनेक रूपों में वर्गीकृत किया था। इसी प्रकार वनस्पति जगत को जन्तुओं से सेल्यूलोज,कोशिका भित्ति, पर्ण हरित एवं पोषण के प्रकार पर विभेदित किया गया। वर्गिकीविज्ञों जन्तुओं के कुछ विशिष्ट लक्षणों को आधार मानकर वर्गीकृत किया था, जैसे अरस्तु ने सभी [...]

दस प्रश्न यूपीएससी-सम-सामयिक व सामान्य ज्ञान पर-भाग 13

सामान्य ज्ञान में र हमारा प्रयास होगा की विज्ञान , इतिहास, राजनीति, खेल, इतिहास, शास्त्रीय संगीत, कला, साहित्य, सामान्य विज्ञान, भूगोल, पाकशास्त्र, चिकित्सा, खेल, खोज और अन्वेषण, जीव विज्ञान, फिल्म, फैशन, वित्त, कि सामान्य ज्ञान के सारे प्रश्नों के संग्रह को आप्के लिये प्रकाशित कर स के.समसामयिकी व सामान्य ज्ञान के प्रश्न उन सभी विद्यार्थियों [...]

दस प्रश्न राजनीति विज्ञान-कक्षा 11- स्थानीय शासन-3

स्थानीय शासन का तात्पर्य स्थानीय स्तर की उन संस्थाओं से हैं जो जनता द्वारा चुनी जाती हैं जिन्हे राष्ट्रीय और प्रान्तीय शासन के नियन्त्रण में रहते हुए नागरिकों की स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए की पूर्ति के लिए अधिकार और दायित्व प्राप्त होते हैं। सन् 1957 में सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं के संबंध [...]

दस प्रशन जीव विज्ञान-कक्षा 11-प्राणी जगत-6

प्रारम्भिक अवस्था में ही मनुष्य ने पौधों एवं जन्तुओं को लाभदायक या हानिकारक,घातक या अघातक अनेक रूपों में वर्गीकृत किया था। इसी प्रकार वनस्पति जगत को जन्तुओं से सेल्यूलोज,कोशिका भित्ति, पर्ण हरित एवं पोषण के प्रकार पर विभेदित किया गया। वर्गिकीविज्ञों जन्तुओं के कुछ विशिष्ट लक्षणों को आधार मानकर वर्गीकृत किया था, जैसे अरस्तु ने सभी जन्तुओं [...]

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