दस प्रशन जीव विज्ञान-कक्षा 11-प्राणी जगत-5

प्रारम्भिक अवस्था में ही मनुष्य ने पौधों एवं जन्तुओं को लाभदायक या हानिकारक,घातक या अघातक अनेक रूपों में वर्गीकृत किया था। इसी प्रकार वनस्पति जगत को जन्तुओं से सेल्यूलोज,कोशिका भित्ति, पर्ण हरित एवं पोषण के प्रकार पर विभेदित किया गया। वर्गिकीविज्ञों जन्तुओं के कुछ विशिष्ट लक्षणों को आधार मानकर वर्गीकृत किया था, जैसे अरस्तु ने सभी जन्तुओं को लाल रूधिर कणिका की उपस्थिति एवं अनुपस्थिति के आधार पर दो वर्गो में क्रमशः इनाइमा एवं एनाइमा में वर्गीकृत किया। सामान्यतया वर्गीकरण के निम्न आधार हैं- सममिति, संगठन के स्तर, गुहा, खण्डी भवन, पृष्ठरज्जु आदि। प्रश्नों की इस श्रंखला में आप प्राणियों के वर्गीकरण से संबंधित प्रश्नों की जानकारी हासिल कर पायेगें।

दस प्रशन जीव विज्ञान-कक्षा 11-प्राणी जगत-5

1. किस वर्ग के जन्तुओं में पोलिप अवस्था विकसित होती हैं ?





2. किस वर्ग के जन्तुओं में मेड्यूसा अवस्था विकसित होती हैं ?





3. सीलेन्ट्रेटा संघ के जन्तुओं में पुनर्द्धभवन की क्षमता किसके कारण पायी जाती हैं ?





4. सीलेन्ट्रेटा संघ की लार्वा अवस्था हैं ?





5. पोरिफेरा संघ की लार्वा अवस्था हैं ?





6. एनेलिडा संघ की लार्वा अवस्था हैं ?





7. मोलस्का संघ की लार्वा अवस्था हैं ?





8. प्लैटीहेल्मिन्थीज का शाब्दिक अर्थ हैं ?





9. प्लैटीहेल्मिन्थीज संघ के जन्तुओं का शारीरिक संगठन होता हैं ?





10. प्लैटीहेल्मिन्थीज संघ के जन्तुओं में सममिति होती हैं ?







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