दस प्रशन जीव विज्ञान-कक्षा 11-प्राणी जगत-3

प्रारम्भिक अवस्था में ही मनुष्य ने पौधों एवं जन्तुओं को लाभदायक या हानिकारक,घातक या अघातक अनेक रूपों में वर्गीकृत किया था। इसी प्रकार वनस्पति जगत को जन्तुओं से सेल्यूलोज,कोशिका भित्ति, पर्ण हरित एवं पोषण के प्रकार पर विभेदित किया गया। वर्गिकीविज्ञों जन्तुओं के कुछ विशिष्ट लक्षणों को आधार मानकर वर्गीकृत किया था, जैसे अरस्तु ने सभी जन्तुओं को लाल रूधिर कणिका की उपस्थिति एवं अनुपस्थिति के आधार पर दो वर्गो में क्रमशः इनाइमा एवं एनाइमा में वर्गीकृत किया। सामान्यतया वर्गीकरण के निम्न आधार हैं- सममिति, संगठन के स्तर, गुहा, खण्डी भवन, पृष्ठरज्जु आदि। प्रश्नों की इस श्रंखला में आप प्राणियों के वर्गीकरण से संबंधित प्रश्नों की जानकारी हासिल कर पायेगें।

दस प्रशन जीव विज्ञान-कक्षा 11-प्राणी जगत-3

1. पोरिफेरा संघ में परिवर्धन होता हैं ?





2. पोरिफेरा संघ के जन्तुओं का बाह्यय स्तर किन कोशिकाओं का बना होता हैं ?





3. पोरिफेरा संघ के वर्गीकरण का आधार हैं ?





4. वर्ग केल्किेरिया का कंकाल बना होता हैं ?





5. हेग्जाक्टिनेलिडा वर्ग में कंकाल बना होता हैं ?





6. डिमोस्पोन्जिया वर्ग में कंकाल बना होता हैं ?





7. वीनस की पुष्प मन्जूषा किसे कहते हैं ?





8. पाइरिया रोग का रोग जनक हैं ?





9. निद्रा रोग का रोग जनक हैं ?





10. काला अजार व त्वजा रोग का रोग जनक हैं ?







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