दस और प्रशन जीव विज्ञान-कक्षा 11-प्राणी जगत-7

दस और प्रशन!प्रारम्भिक अवस्था में ही मनुष्य ने पौधों एवं जन्तुओं को लाभदायक या हानिकारक,घातक या अघातक अनेक रूपों में वर्गीकृत किया था। इसी प्रकार वनस्पति जगत को जन्तुओं से सेल्यूलोज,कोशिका भित्ति, पर्ण हरित एवं पोषण के प्रकार पर विभेदित किया गया। वर्गिकीविज्ञों जन्तुओं के कुछ विशिष्ट लक्षणों को आधार मानकर वर्गीकृत किया था, जैसे अरस्तु ने सभी जन्तुओं को लाल रूधिर कणिका की उपस्थिति एवं अनुपस्थिति के आधार पर दो वर्गो में क्रमशः इनाइमा एवं एनाइमा में वर्गीकृत किया। सामान्यतया वर्गीकरण के निम्न आधार हैं- सममिति, संगठन के स्तर, गुहा, खण्डी भवन, पृष्ठरज्जु आदि। प्रश्नों की इस श्रंखला में आप प्राणियों के वर्गीकरण से संबंधित प्रश्नों की जानकारी हासिल कर पायेगें।

दस और प्रशन जीव विज्ञान-कक्षा 11-प्राणी जगत-7

1. निमेटहैल्मिन्थीज का शाब्दिक अर्थ हैं ?





2. निमेटहैल्मिन्थीज संघ के जन्तुओं की सममिती होती हैं ?





3. निमेटहैल्मिन्थीज संघ के जन्तुओं की देह गुहा होती हैं ?





4. निमेटहैल्मिन्थीज संघ के जन्तुओं में उत्सर्जन होता हैं ?





5. निमेटहैल्मिन्थीज संघ के जन्तुओं के वर्गीकरण का आधार हैं ?





6. किस वर्ग के जन्तुओं मे संवेदी अंग पाये जाते हैं ?





7. निम्नांकित में से नैत्र कृमि हैं ?





8. निम्न में से पिनकृमि हैं ?





9. निम्न में से गिनीकृमि हैं ?





10. निम्न में से फाइलेरिया कृमि हैं ?







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