दस और प्रशन जीव विज्ञान-कक्षा 11-प्राणी जगत-8

Published on January 18, 2012

दस और प्रशन!प्रारम्भिक अवस्था में ही मनुष्य ने पौधों एवं जन्तुओं को लाभदायक या हानिकारक,घातक या अघातक अनेक रूपों में वर्गीकृत किया था। इसी प्रकार वनस्पति जगत को जन्तुओं से सेल्यूलोज,कोशिका भित्ति, पर्ण हरित एवं पोषण के प्रकार पर विभेदित किया गया। वर्गिकीविज्ञों जन्तुओं के कुछ विशिष्ट लक्षणों को आधार मानकर वर्गीकृत किया था, जैसे अरस्तु ने सभी जन्तुओं को लाल रूधिर कणिका की उपस्थिति एवं अनुपस्थिति के आधार पर दो वर्गो में क्रमशः इनाइमा एवं एनाइमा में वर्गीकृत किया। सामान्यतया वर्गीकरण के निम्न आधार हैं- सममिति, संगठन के स्तर, गुहा, खण्डी भवन, पृष्ठरज्जु आदि। प्रश्नों की इस श्रंखला में आप प्राणियों के वर्गीकरण से संबंधित प्रश्नों की जानकारी हासिल कर पायेगें।

दस और प्रशन जीव विज्ञान-कक्षा 11-प्राणी जगत-8

1. मनुष्य की आंत्र में उपस्थित गोलकृमि हैं ?





2. मनुष्य की आंत्र में उपस्थित हुककृमि हैं ?





3. निमेट हैल्मिन्थीज का तन्त्रिका तन्त्र बना होता हैं ?





4. ऐनेलिडा संघ का शाब्दिक अर्थ हैं ?





5. ऐनेलिडा संघ में सममिति होती हैं ?





6. ऐनेलिडा संघ का शारीरिक संगठन होता हैं ?





7. किस संघ के जन्तुओं का शरीर नली के भीतर नली के समान होता हैं ?





8. ऐनेलिडा संघ के जन्तुओं की देह भित्ति किन स्तरों की बनी होती हैं ?





9. ऐनेलिडा संघ के जन्तुओं में गमनांग हैं ?





10. ऐनेलिडा संघ के जन्तुओं में उत्सर्जन होता हैं ?










Real Time Web Analytics
Select Language

Get more stuff like this
in your inbox

Subscribe to our mailing list and get interesting stuff and updates to your email inbox.

Enjoyed this video?
"No Thanks. Please Close This Box!"